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राहु की महादशा में राहु की अन्तर्दशा का फल

                                  राहु         राहु की महादशा में राहु की अन्तर्दशा का फल विष और जल के कारण रोग हो । जातक को सर्प का दशन हो । दूसरे आदमी की स्त्री से संयोग हो ।अपने किसी इष्टजन का वियोग हो । जातक कड़ी बोली बोले । और उसे दुष्टजनों के कारण रुष्ट हो                राहु की महादशा में बृहस्पति की अन्तर्दशा का फल सुख की प्राप्ति हो, देवताओं, ब्राह्मणों का पूजन हो, शरीर में कोई न रहे और सुन्दर नेत्र वाली स्त्रियों से समागम हो । विद्वत्ता के विचार-विनिमय और धार्मिक शास्त्रार्थ में समय व्यतीत हो               राहु की महादशा में शनि की अन्तर्दशा का फल अपनी स्त्री, पुत्रों और भाईयों से झगड़ा हो । जातक की पदच्युति हो और उसके नौकरों का नाश हो ।  शरीर में चोट लगे तथा बात और पित्त के कारण रोग हो ।                 राहु की महादशा में बुध की अन्तर्दशा का फल बुध...

अष्टकवर्ग की गणना

                                                                            अष्टकवर्ग चार्ट  अंक के परिणाम  14-अंक – कष्टकारी और मृत्युभय देने वाले 15- अंक - सरकार से भय रहने की संभावना बनती 16 अंक – दुर्भाग्य 17- अंक - बीमारी अथवा स्थान की हानि 18- अंक - धन हानि 19 अंक- सगे संबंधियों से लड़ाई-झगडे की संभावन 20- अंक - व्यय अधिक होगा और जातक कुकर्मों में 21- अंक - बीमारी अथवा धन की हानि 22- अंक - स्मरण व विवेक शक्ति की हानि, कमजोरी 23- अंक मानसिक चिन्ताएँ, कष्ट और हानि 24- अंक अचानक हानि अथवा अतिव्ययता से धनहानि 25- अंक- दुर्भाग्य 26- अंक - परेशानियाँ, शिथिलता, स्वभाव में अस्थिरता 27- अंक- व्यय अधिक, व्याकुलता, अस्पष्ट विचार और दुविधाजनक मस्तिष्क 28- अंक - धन लाभ लेकिन संतोषजनक नहीं 29 -अंक- व्यक्ति सम्मान पाता है. 30- अंक- यश, कीर्ति व सम्मान मिले 31 से 33 अंक प्रयास अच्छे व मान-सम्मान...

मंगल की महादशा का फल

⃝                मंगल की महादशा में मंगल की अन्तर्दशा का फल  गर्मी से उत्त्पन होने वाले रोग हो घाव होने या चोट लगने का भय हो भाईयो से वियोग हो जाति लोगो से भय हो अग्नि पीड़ा का भय हो | किन्तु जातक को खेत और मुकदमो से धन  प्राप्ति  हो | यदि मंगल योग कारक हो तो उसकी दशा अच्छी हो जाती है | मंगल बलवान होने से जातक के विरोधी उत्त्पन्न होए पर भी विजयी जातक की होती है किन्तु माँगा बिगड़ा हुवा है तो जातक को शत्रुओ से पीड़ा पहुँचती है |                    मंगल की महादशा में राहु का फल  शास्त्र अग्नि चोर ,रिपु राजा इन सब से भय हो | विष के कारण बीमारी या कष्ट हो किसी गुरुजन या बंधू की हानि हो जातक के आँख ,कान और सिर में बीमारी हो | जातक की मृत्यु होये या उस पर महँ अप्पति आवे |                   मंगल की महादशा में बृहस्पति का फल  इस अन्तर्दशा शुभ फल मिलते है |  अशुभ फल तो इतना ही है की कान में पीड़ा और कफ के कारण शरीर में रोग हो बाकि स...