राहु राहु की महादशा में राहु की अन्तर्दशा का फल विष और जल के कारण रोग हो । जातक को सर्प का दशन हो । दूसरे आदमी की स्त्री से संयोग हो ।अपने किसी इष्टजन का वियोग हो । जातक कड़ी बोली बोले । और उसे दुष्टजनों के कारण रुष्ट हो राहु की महादशा में बृहस्पति की अन्तर्दशा का फल सुख की प्राप्ति हो, देवताओं, ब्राह्मणों का पूजन हो, शरीर में कोई न रहे और सुन्दर नेत्र वाली स्त्रियों से समागम हो । विद्वत्ता के विचार-विनिमय और धार्मिक शास्त्रार्थ में समय व्यतीत हो राहु की महादशा में शनि की अन्तर्दशा का फल अपनी स्त्री, पुत्रों और भाईयों से झगड़ा हो । जातक की पदच्युति हो और उसके नौकरों का नाश हो । शरीर में चोट लगे तथा बात और पित्त के कारण रोग हो । राहु की महादशा में बुध की अन्तर्दशा का फल बुध...